जब जीव अहंकार छोड़कर भगवान का स्मरण करता है तब प्रभु स्वयं सहायता करने आते हैं

SHARE:

सैलाना। पुरुषोत्तम (अधिक) मास के पावन उपलक्ष्य में ओशीन परिसर में आयोजित सप्त दिवसीय संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा के चतुर्थ दिवस पर श्रद्धा, भक्ति और उल्लास का अद्भुत संगम देखने को मिला। कथा व्यास पंडित कुलदीप गुरु ने अपने मुखारविंद से गजेंद्र मोक्ष प्रसंग, भगवान श्रीराम के प्राकट्य तथा भगवान श्रीकृष्ण जन्मोत्सव का अत्यंत भावपूर्ण और प्रेरणादायी वर्णन किया। कथा के दौरान पंडाल में उपस्थित श्रद्धालु भक्ति रस में सराबोर होकर भगवान के जयकारों से वातावरण को गुंजायमान करते रहे।


संकट में ईश्वर ही सच्चे सहायक
पंडित कुलदीप गुरु ने गजेंद्र मोक्ष प्रसंग का वर्णन करते हुए कहा कि जब जीव अपने अहंकार और सांसारिक आसक्तियों को छोड़कर सच्चे मन से भगवान का स्मरण करता है, तब प्रभु उसकी रक्षा के लिए स्वयं उपस्थित हो जाते हैं। उन्होंने बताया कि गजेंद्र हाथी जब ग्राह के चंगुल में फंस गया और सभी सांसारिक प्रयास विफल हो गए, तब उसने भगवान नारायण को पुकारा। भक्त की पुकार सुनकर भगवान ने सुदर्शन चक्र से ग्राह का संहार कर गजेंद्र को मुक्त किया। यह प्रसंग श्रद्धालुओं को पूर्ण समर्पण और ईश्वर पर अटूट विश्वास का संदेश देता है।


मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम का अवतरण
कथा व्यास ने भगवान श्रीराम के प्राकट्य का वर्णन करते हुए कहा कि धर्म की स्थापना और अधर्म के विनाश के लिए भगवान समय-समय पर अवतार लेते हैं। श्रीराम का जीवन सत्य, मर्यादा, त्याग, सेवा और आदर्श आचरण का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि आज के समय में भी यदि समाज श्रीराम के आदर्शों को अपनाए, तो परिवार और समाज दोनों में सद्भाव और शांति स्थापित हो सकती है।


श्रीकृष्ण जन्मोत्सव में उमड़ा उत्साह
भगवान श्रीकृष्ण के प्राकट्य प्रसंग का वर्णन करते हुए पंडित कुलदीप गुरु ने कहा कि जब पृथ्वी पर अत्याचार और अधर्म बढ़ता है, तब भगवान भक्तों की रक्षा और धर्म की पुनर्स्थापना के लिए अवतरित होते हैं। श्रीकृष्ण का जन्म केवल एक ऐतिहासिक घटना नहीं, बल्कि प्रेम, करुणा, नीति और भक्ति का दिव्य संदेश है। जैसे ही कथा में श्रीकृष्ण जन्म का प्रसंग आया, श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह दिखाई दिया। भगवान के जन्मोत्सव पर भजन-कीर्तन, झांकी और पुष्पवर्षा के बीच पूरा पंडाल नंदोत्सव के माहौल में रंग गया।
संगीतमय कथा के दौरान व्यास पीठ से पंडित कुलदीप गुरु के मधुर भजनों पर उपस्थित महिला श्रोता कई बार झूमने पर मजबूर हो गई।
नृत्य,गायन के बीच पूरा माहौल ही ईश्वर के रंग में रंग गया।
तब ही होगी राम राज्य की कल्पना पूरी
व्यासपीठ से पंडीत कुलदीप गुरु ने अपील कि की हर सनातनी अपने बच्चों को भी हाथ पकड़ कर कथा में लाए। थोड़ा धर्मनिष्ठ भी बनाए। दिन भर उनके हाथ में रहने वाला मोबाइल उनकी राह भटका रहा हैं। बच्चों को अच्छे संस्कार धर्म से ही मिलेंगे और तब ही रामराज्य की कल्पना पूरी हो पाएंगी।

भजन-कीर्तन से गूंजा पंडाल
कथा के दौरान भजन मंडली ने संगीतमय प्रस्तुतियों से भक्तिमय वातावरण निर्मित किया। श्रद्धालु भजनों पर झूमते नजर आए और “जय श्रीराम” तथा “राधे-कृष्ण” के जयघोष से पूरा परिसर गुंजायमान हो उठा। कथा में बड़ी संख्या में महिला, पुरुष और युवा श्रद्धालुओं की उपस्थिति रही।
आरती और प्रसादी वितरण
कार्यक्रम के अंत में भगवान की महाआरती की गई तथा श्रद्धालुओं को प्रसादी वितरित की गई। आयोजकों ने बताया कि पुरुषोत्तम मास के दौरान प्रतिदिन कथा, भजन एवं धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, जिनमें क्षेत्र के श्रद्धालु उत्साहपूर्वक भाग ले रहे हैं।
आयोजको ने माना आभार
कथा आयोजक राजेंद्र पाराशर,शशी पाराशर,डा. दीपक जोशी, क्रांति जोशी ने पोथी पूजन कर व्यास पीठ पर विराजित पंडीत कुलदीप गुरु भट्ट का स्वागत अभिनंदन किया। एवं उपस्थित श्रद्धालुओं का आभार माना।

News Mp 24
Author: News Mp 24