
रतलाम के अजंता पैलेस में कर सलाहकार परिषद का सेमिनार राजस्थान हाईकोर्ट के पूर्व न्यायाधीश,न्यायाधीश एसोसिएशन नई दिल्ली के अध्यक्ष न्यायमूर्ति जे.के रांका के मुख्य आतिथ्य में सम्पन्न हुआ।कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में इंदौर के प्रख्यात कर विशेषज्ञ CA राजेश मेहता विशेष रूप से मौजूद थे।
अध्यक्षता समाजसेवी एवं डीपी ज्वेलर्स के संस्थापक रतनलाल कटारिया ने की।
इस सेमिनार में
रतलाम सहित जावरा, झाबुआ, पेटलावद, मंदसौर एवं नीमच से आए कर सलाहकारों, चार्टर्ड अकाउंटेंट्स, अधिवक्ताओं, प्रमुख व्यापारियों एवं उद्योगपति बड़ी संख्या में मौजूद थे।
अपने संबोधन में न्यायमूर्ति जे. के. रांका ने कहा कि सक्षम व्यक्तियों को गांवों के विकास और शिक्षा के क्षेत्र में सामाजिक प्रकल्प प्रारंभ करने चाहिए। रांका ने कहा कि राजस्थान में उनके द्वारा शुरू किए गए शिक्षा संबंधी प्रकल्पों के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। कई बार कानून बनाने वाले लोग जमीनी स्तर की व्यवहारिक कठिनाइयों से पूरी तरह अवगत नहीं होते इसलिए कर सलाहकार
परिषद जैसी संस्थाओं एवं टैक्स प्रोफेशनल्स को सरकार और नीति निर्माताओं को समय-समय पर सुझाव देकर कर व्यवस्था को अधिक सरल, पारदर्शी और व्यवहारिक बनाने में सहयोग करना चाहिए।न्यायमूर्ति रांका ने कहा कि वर्तमान समय एआई का दौर है और इसका उपयोग आवश्यक है, लेकिन अनुभव, समझ और मेहनत का महत्व भी उतना ही जरूरी है। साथ ही उन्होंने टैक्स प्रोफेशनल्स से सामाजिक एवं जनहित कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाने का भी आह्वान किया।
मुख्य वक्ता के रूप में इंदौर के प्रख्यात कर विशेषज्ञ CA राजेश मेहता ने आयकर रिटर्न फॉर्म एवं आयकर से जुड़े समसामयिक विषयों पर तथ्य परखा जानकारीयां देते हुए
आयकर रिटर्न के विभिन्न फॉर्म्स और उनसे जुड़ी महत्वपूर्ण बातों पर प्रकाश डाला। मेहता ने आयकर अधिनियम की धारा 139 (1) के सातवें प्रावधान की महत्वपूर्ण जानकारी देते हुए बताया कि आय कर योग्य सीमा से कम होने पर भी आयकर रिटर्न दाखिल करना अनिवार्य हो जाता है।

वर्तमान समय में आयकर रिटर्न केवल टैक्स अनुपालन का माध्यम नहीं रह गया है, बल्कि बैंक लोन, वीजा, सरकारी योजनाओं और सड़क दुर्घटना मुआवजा दावों में आय प्रमाण के रूप में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका रहती है। CA मेहता ने इस वर्ष आयकर रिटर्न में बैंक खाते, टीडीएस/टीसीएस, शेयर निवेश, विदेशी यात्रा, उच्च मूल्य के लेन-देन और नकद व्यवहार जैसी बातों पर जोर देते हुए कहा कि पारदर्शी और सही जानकारी देना चाहिए।

इस अवसर पर न्यायमूर्ति जे. के. रांका का शाल, श्रीफल एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर संदीप मूणत, दिलीप पाटनी एवं इन्दरमल जैन द्वारा सम्मान किया गया।
सेमिनार में वर्ष 2025 की स्टडी सर्किल बैठकों में श्रेष्ठ प्रस्तुति हेतु दिलीप पाटनी को “एन. एम. रांका अवार्ड” से सम्मानित किया गया।वहीं
सीए राजेश मेहता को “एस. डी. पुरोहित अवार्ड” सी.बी. रावत, राजेश खाबिया एवं दीपक पुरोहित द्वारा प्रदान किया गया।
स्मृति चिन्ह नवीन पोखरना, कृष्ण गोपाल अग्रवाल एवं
नवीन पोखरना, कृष्ण गोपाल अग्रवाल एवं विशाल जोशी द्वारा भेंट किया गया।
न्यायमूर्ति जेके. रांका का स्वागत परिषद अध्यक्ष अशोक भण्डारी, केदार अग्रवाल, एस.एल. चपलोत, मनीष गुगलिया, संजय गांधी, पद्म मेहता, अक्षय सिंहल एवं अन्य अतिथियों द्वारा किया गया। सीए राजेश मेहता का स्वागत राकेश भटेवरा, दिनेश जैन एवं सीए रतलाम ब्रांच अध्यक्ष आकाश मित्तल द्वारा किया गया।
इस सेमिनार में व्यापार जगत के अनेक गणमान्य व्यापारी एवं उद्योगपति उपस्थित थे।
संचालन गौरव गांधी ने तथा आभार अनिल जैन ने माना।




