दम्पति से मारपीट और डकैती करने के सात आरोपियों को न्यायालय ने दस-दस वर्ष का कारावास की सजा सुनाई

घटना के अनुसार रतलाम निवासी अनिल उपाध्याय अपनी पत्नी सरिता उपाध्याय के साथ बालाजी हनुमान मंदिर दर्शन करते हुए महू नीमच फोरलेन रोड़ तरफ घूमने गए तथा मांगरोल फन्टे से वापस आने के दौरान नोबल स्कूल के समीप पीछे से दो बाइक सवार बदमाशों ने हमारे आगे बाइक लगा दी और एक व्यक्ति ने डंडा निकालकर मारपीट करना शुरू कर दिया। और दोनों को खींचते हुए खेत की और ले गये।

बदमाशो ने उसकी पत्नी सोने की बाली, एक नकली मंगलसूत्र खोटा, दो सोने के टॉप्स, चांदी के पायजेब,आर्टिफिशल हाथ की चूड़ी, एक एन्ड्राईड मोबाईल फोन, पर्स, 20 हजार रूपये, आधारकार्ड, ड्रायविंग लायसेन्स की फोटोकॉपी, ए.टी.एम. कार्ड लुट ले गए ओर जाते जाते बदमाशों ने चाकू दिखाते हुए जान से मार देने की धमकी देते हुए फरियादी की बाइक भी ले गये ।

लुटे पिटे अनिल व उसकी पत्नी पैदल चलकर पास के पेट्रोलपम्प पर गये वहां कर्मचारियों को घटना बताते हुए उनके मोबाईल फोन से डायल 100 पर फोन करने पर गाड़ी आई जिसमे सरकारी अस्पताल आकर इलाज करवाया।




लुट की इस वारदात से घबराने के कारण अगले दिन सुबह पुलिस चौकी सालाखेड़ी रतलाम पर जाकर अज्ञात आरोपियों के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज करवाई।
दो वर्ष पूर्व फोरलेन पर डकैती करने के बहुचर्चित घटना के मामले में न्यायालय ने आरोपीगण राकेश पिता रामचन्द्र चन्द्रवंशी , विकास उर्फ विक्की पिता कैलाश चौहान, दिलीप पिता देवी सिंह परमार, संजय पिता कैलाश चौहान, वीरेन्द्र पिता राधेश्याम परमार , रवि पिता शान्तिलाल परमार , विक्रम पिता बाबुलाल बोडाना सभी निवासी-ग्राम कल्याणपुरा थाना भाटपचलाना जिला उज्जैन को
सप्तम अपर सत्र न्यायाधीश रतलाम राजेश नामदेव ने मारपीट व डकैती में दस – दस वर्ष की सजा व चालीस – चालीस हजार रुपए के जुर्माने की सजा से दंडित किया है।
प्रकरण में पैरवी अपर लोक अभियोजक एवं शासकीय अधिवक्ता समरथ पाटीदार ने की।
वर्तमान में सभी आरोपीगण जमानत पर थे सजा के बाद सभी को जेल भेज दिया गया।







