एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय के हॉस्टल में एक छात्रा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद स्कूल प्रबंधन और हॉस्टल में अफरा-तफरी मच गई

छात्रा के परिजनों के पहुंचने के बाद उस वक्त नया मोड़ आ गया जब हॉस्टल के छात्र छात्राओं ने मॉडल स्कूल के बाहर चक्काजाम कर दिया

रतलाम जिले के सैलाना स्थित एकलव्य आवासीय छात्रा हॉस्टल छात्रावास में
कक्षा 12वीं आर्ट्स की छात्रा वर्षा पिता टीकाराम सोलंकी, निवासी मेवाड़ पंथ, जिला देवास, मंगलवार को परीक्षा में निरीक्षण के दौरान नकल की पर्ची मिलने पर ड्यूटी पर तैनात शिक्षिका प्रीति लांबा ने संबंधित अधिकारियों को सूचना देने के बाद छात्रा की कॉपी लेने के बाद उसे बाहर कर दिया था।
बताया जा रहा है कि परीक्षा के दौरान हुई इस कार्रवाई के बाद छात्रा तनाव में थी।

जानकारी के अनुसार परीक्षा समाप्त होने के बाद छात्रा की रूममेट लक्षिता और प्रतिभा कमरे में पहुंचीं। वहां उन्होंने वर्षा को फंदे पर लटके देखा दोनों ने तत्काल हॉस्टल वार्डन को जानकारी दी।
घटना की जानकारी तत्काल स्कूल प्रबंधन द्वारा पुलिस को दी गई
सूचना मिलते ही थाना प्रभारी पिंकी आकाश मौके पर पहुंची यहां से थाना प्रभारी ने एसडीओपी नीलम बघेल को सूचना दी।

हालांकि छात्रा के मौत के पीछे का कारण पता नहीं चला पुलिस विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है।
पुलिस टीम विद्यालय पहुंची और घटनास्थल का जायजा लिया। पुलिस ने स्कूल प्रबंधन, हॉस्टल कर्मचारियों और छात्राओं से घटनाक्रम की जानकारी जुटाई है। तथा छात्रा के परिजनों को सूचना देकर बुलवाया गया।

विद्यालय के प्राचार्य नरेंद्र गंगवाल के अनुसार छात्रा पर पढ़ाई को लेकर दबाव अवश्य नजर आया छात्रा की मौत के वास्तविक कारणों का पता पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

इस घटनाक्रम के बाद जैसे ही छात्रा के परिजन पहुंचे मामले में नया मोड़ आ गया और छात्रावास के छात्र और छात्राएं विद्यालय के सामने रतलाम बांसवाड़ा मार्ग पर जाम लगाकर बैठ गए छात्राओं ने मांग की कि विद्यालय प्राचार्य और छात्रावास के कुछ लोगों को हटाया जाय तथा घटना की निष्पक्ष जांच की जाए धरने पर बैठे छात्राओं ने कहा कि जब तक कोई वरिष्ठ अधिकारी नहीं आएगा तब तक हम छात्रा की लाश को पोस्टमार्टम के लिए नहीं ले जाने देंगे देर रात तक चक्काजाम हटाने के लिए मान मनोवल होती रही इसी बीच जिला पंचायत शिक्षा समिति अध्यक्ष केशु निनामा भी मौके पर पहुंचे तथा उपस्थित अधिकारियों,विद्यालय प्राचार्य, और स्टॉप को खरी खोटी सुनाई और आरोप लगाया कि इस घटना के जिम्मेदार आप लोग हो इसकी सजा अवश्य भुगतना पड़ेगी।

इधर देर रात करीब 10 बजे वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा उचित कार्यवाही का आश्वासन मिलने पर धरना समाप्त कर दिया गया।

अब बड़ा प्रश्न यह उठता है कि हर बार एकलव्य आवासीय विद्यालय परिसर में ही घटनाएं क्यों होती है कभी शिक्षक आत्महत्या करता है, कभी छात्राएं स्कूल परिसर से बाहर निकलकर जिला कलेक्टर से मिलने पैदल चली जाती है।विरोध प्रदर्शन और चक्काजाम तो इस विद्यालय की पहचान बन चुकी है।
वरिष्ठ अधिकारी इन सब पहलुओं पर बारीकी से जांच करें अन्यथा इस आवासीय विद्यालय की जितनी लोकप्रियता अभी नजर आ रही है वह आने वाले समय में धूमिल हो सकती है







