गत वर्ष सोयाबीन फसल में हुए नुक़सान पर मध्य प्रदेश सरकार के द्वारा किसानों को जावरा तहसील में 209 करोड़ रुपये राहत राशि प्रदान की गई परंतु प्रधान मंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत किसानों को उचित फसल बीमा सम्पूर्ण तहसील में प्राप्त नहीं हुआ।किसान संघ का कहना है कि जो राशि बीमा कंपनी द्वारा किसानों को दी गई है वह ऊँट के मुंह में जीरे के समान है।

रतलाम जिले के जावरा में नाराज भारतीय किसान संघ के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता क्षेत्र के किसानों के साथ वाहन रैली निकाल कर एसडीएम कार्यालय पर सांकेतिक धरने पर बैठ गए। इस दौरान पदाधिकारीयो ने किसानों के साथ हो रहे अन्याय अत्याचार को लेकर आक्रोश व्यक्त करते हुए हम अपना अधिकार मांगते नहीं किसी से भीख मांगते जैसे नारे भी लगाए ।

धरने पर बैठे किसान सरकार की नीतियों से काफी परेशान दिखाई दे रहा है हालांकि अधिकांश किसान भाजपा समर्थित बताये जा रहे हैं। लेकिन उनका कहना है कि पार्टी अपनी जगह है लेकिन हमारे साथ यदि अन्याय हो रहा है तो हमें अपने अधिकारों के लिए सड़क पर आना पड़ रहा है। यह हमारी मजबूरी है।

इस संबंध में भारतीय किसान संघ द्वारा जावरा में एसडीएम के नाम एक ज्ञापन तहसीलदार पंकज पवैया को दिया गया। जिसमें बताया गया कि यदि सरकार और बीमा कंपनी ने 14 सितंबर तक बात नहीं मानी तो 15 सितंबर को पूरे रतलाम जिले के किसान जिला मुख्यालय का घेराव करेंगे। इसकी समस्त जिम्मेदारी शासन प्रशाशन की रहेगी।

इस अवसर पर राजीव लोचन ठाकुर ,प्रांतीय रोजगार आयाम प्रमुख व रतलाम जिला प्रभारी ,ललित पालीवाल, जिला अध्यक्ष भारतीय किसान संघ, देवीलाल पाटीदार, जिला मंत्री, जगदीश आंजना, तहसील अध्यक्ष, गोपाल सिंह लखमा खेड़ी तहसील मंत्री ,किशन सिंह सोलंकी, खजूरिया ,दिनेश साहू ,ऊनी, पवन पाटीदार, घनश्याम सिंह, गुर्जर बरडिया ,संजय राठौर ,राधाकिशन पाटीदार ,बड़ावदा ,सुरेश राठौर, कृष्णपाल सिंह, लोद, कालूसिंह संतोष शर्मा कृपाल सिंह आदि अनेको गांवों से किसान उपस्थित थे।
जावरा से शिरीष सकलेचा की रिपोर्ट







