शिक्षक राष्ट्र का स्तंभ है
जो शिक्षा के साथ संस्कार भी देते है गुरु शिष्य की परंपरा आज भी कायम है

रतलाम जिले के बड़ावदा में शिक्षक दिवस पर नगर परिषद द्वारा आयोजित शिक्षक सम्मान समारोह में
कर्नाटक के राज्यपाल महामहिम डॉ.थावरचंद गहलोत मुख्य अतिथि के रूप मौजूद रहे
कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती, पूर्व राष्ट्रपति शिक्षक सर्वपल्ली राधाकृष्ण तथा मां भारती के चित्र पर दीप प्रज्वलन पश्चात राष्ट्रगान के साथ हुआ।

समारोह के प्रारंभ में
अतिथियों का स्वागत नगर परिषद अध्यक्ष कल्पना राजेंद्र कुमावत, उपाध्यक्ष रशीद पठान, जिला योजना समिति सदस्य अनिल अवस्थी, सीएमओ अनिल सक्सेना , सिंधिया फैंस क्लब मंडल अध्यक्ष राजेंद्र कुमावत आदि ने किया।

स्वागत भाषण नगर परिषद अध्यक्ष कल्पना कुमावत ने देते हुए जनप्रतिनिधियों से बड़ावदा नगर को एक कालेज की सौगात देने की मांग की।
अपने प्रभावी उद्बोधन में राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने कहा कि गुरु शिक्षा के साथ संस्कार भी देते है। गुरु शिष्य की परंपरा आज भी कायम है और भविष्य में भी कायम रहेगी क्योंकि शिक्षक राष्ट्र का स्तंभ होता है। गहलोत ने कहा कि नगर परिषद ने शिक्षकों का सम्मान कर सराहनीय कार्य किया है।

इस अवसर पर विशेष अतिथि भाजपा जिला अध्यक्ष प्रदीप उपाध्याय, पूर्व विधायक जितेंद्र गेहलोत ,मंडल अध्यक्ष लोकेश शर्मा ,उच्च न्यायालय अभिभाषक वीरेंद्र शर्मा आदि ने अपने विचार रखते हुए शिक्षक दिवस की महत्वता पर प्रकाश डाला।

शिरीष सकलेचा ने राज्यपाल थावरचंद गहलोत से मुलाकात कर वर्तमान समय में प्रेस की भूमिका को लेकर चर्चा की।

कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि पूर्व प्रदेश कार्यसमिति सदस्य कानसिंह चौहान, पूर्व जिला उपाध्यक्ष दिलीप शाकल्य, नंदन जैन,पूर्व मंडल अध्यक्ष जीवन सिंह चौहान, उस्ताद बाबूलाल कुमावत, प्राचार्य गोविंद सिंह मालीवाड़, सिंधिया फैंस क्लब मंडल अध्यक्ष राजेन्द्र कुमावत, आलोट मंडल अध्यक्ष दिलीप सिंह,राधेश्याम चौहान,कीर्ति शरण सिंह,शिवेंद्र माथुर,मुकेश परमार ताल नप अध्यक्ष,
हरिराम शाह,दिनेश कोठारी, आदि मंचासीन थे। संचालन शिवानी चतुर्वेदी ने किया। आभार अनिल अवस्थी ने माना।

नगर परिषद द्वारा आयोजित सम्मान समारोह में लगभग 270
शासकीय ,अर्ध शासकीय शिक्षक, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, सेवानिवृत शिक्षको को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। सभी सम्मानित शिक्षकों के चेहरे सम्मान प्राप्त कर खुशी से खिल उठे। कार्यक्रम में शिक्षकों के साथ बड़ी संख्या में नगर के गणमान्य नागरिक , पार्षद आदि मौजूद थे।
बड़ावदा से शिरीष सकलेचा की रिपोर्ट







