आदिवासी अंचल के बोरदा में भीमा चरपोटा हत्याकांड की कातिल पत्नी ललिता को पुलिस ने किया गिरफ्तार पुलिस पूछताछ में खुलेंगे राज

रतलाम जिले में
सरवन थाना क्षेत्र के ग्राम बोरदा में 32 वर्षीय भीमा पिता मनोहर चरपोटा की उसके ही घर में रस्सी से पैर बांधकर गर्दन, सिर तथा बाएं गाल पर कुल्हाड़ी से कई वार करते हुए हत्या कर
उसकी लाश को नाले में ले जाकर फेंकने के बाद साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से घर के फर्श को पीली मिट्टी से लीपा गया।
घटना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस,फॉरेंसिक अधिकारी आदि ने जब मौका मुआयना किया तब पलंग,दिवाल पर खून के निशान दिखाई दिए तलाशी लेने पर घर से एक खून से सनी कुल्हाड़ी भी मिली थी

पुलिस का शक उस वक्त और यकीन में बदल गया जब लाश मिलने की खबर के पहले ही मृतक की पत्नी ललिता
ललिता अपने दो मासूम बच्चों को घर पर छोड़कर फरार हो चुकी थी।
पुलिस ने इसी बात को
जांच का महत्वपूर्ण बिंदु मानते हुए उसकी तलाश शुरू कर दी थी।
काफी प्रयासों के बाद पुलिस ने अपने सूचना तंत्र के आधार पर शुक्रवार देर रात समीप के ग्राम गुड़भेली के जंगल से कातिल ललिता को गिरफ्तार करने के बाद शनिवार को न्यायालय में पेश किया जहां से उसे दो दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया।

अब पुलिस आरोपी महिला से हत्या की साजिश, वारदात में शामिल अन्य लोगों और हत्या के वास्तविक कारण को लेकर पूछताछ कर रही है।
पुलिस के अनुसार प्रारंभिक जांच में मामला प्रेम प्रसंग से जुड़ा हुआ सामने आ रहा है अभी तक आरोपी महिला ने पुलिस को वारदात के संबंध में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी है।
थाना प्रभारी अर्जुन सेमलिया ने बताया कि ललिता की गिरफ्तारी के बाद उसे शनिवार को न्यायालय में पेश करने के बाद दो दिन के पुलिस रिमांड पश्चात पूछताछ में महिला ने बताया कि बोरदा के पास राम पूरिया निवासी प्रेमी राकेश पिता जीवणा मईड़ा और उसके साथी भूरालाल पिता सूरज डामोर के साथ मिलकर वारदात किए जाने की बात सामने आई है।पुलिस अब दोनों फरार युवकों की तलाश में जुटी हुई है।थाना प्रभारी के अनुसार महिला से अभी पूछताछ जारी है ताकि हत्या की वास्तविक वजह का खुलासा हो सकेगा।







