मंदिर के पुजारी और उनके परिवार पर चाकू से जानलेवा हमला करने के मामले में न्यायालय ने बड़ा फैसला सुनाते हुए पांच आरोपियों को सात सात वर्ष की सजा सुनाई

रतलाम में शासकीय अधिवक्ता व अपर लोक अभियोजक समरथ पाटीदार ने जानकारी देते हुए बताया कि
कबीर साहब मंदिर परिसर के पीछे रहने वाले पुजारी की पुत्री पर मुख्य आरोपी भय्यू उर्फ यश जबरन विवाह का दबाव बना रहा था। परिजनों ने सुरक्षा की दृष्टि से पुत्री ग्वालियर भेज दिया था। इसी रंजिश के चलते 30 जनवरी 2024 की रात करीब पौने एक बजे आरोपी भय्यू अपने साथियों के साथ पुजारी के घर का दरवाजा तोड़कर अंदर घुसा और धारदार चाकू से प्राणघातक हमला कर दिया। बीच-बचाव करने आई पुजारी की पत्नी, बेटे और माता पर भी आरोपियों ने चाकू से हमला कर मारपीट की।

सप्तम अपर सत्र न्यायाधीश राजेश नामदेव की अदालत ने
इस सनसनीखेज
मामले के पाँचों आरोपियों भय्यू उर्फ यश देशमुख भण्डारी गली, थावरिया बाजार, रतलाम
ईशु उर्फ इस्सु उर्फ ऋषि सुदामा परिसर, उकाला रोड, रतलाम
पंकज उर्फ चिंकू बजरंग नगर, रतलाम
पंकज उर्फ उदय दिलीप नगर, रतलाम
मुख्य आरोपी रेहान उर्फ बाल जूनी कलालसेरी, रतलाम एक अन्य प्रकरण में बड़वानी जेल में बंद है को दोषी ठहराते हुए 7-7 वर्ष के सश्रम कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई है।




मामले में शामिल एक नाबालिग आरोपी का चालान बाल न्यायालय में प्रस्तुत किया गया था।
एक आरोपी हर्ष उर्फ कटोरा पिता सतोष पंवार जाति राजपुत निवासी श्रीमाली रतलाम की बदनावर में दुर्घटना में मृत्यु हो गई है







