श्री जैन श्वेतांबर मूर्तिपूजक संघ द्वारा पर्यूषण महापर्व के पावन अवसर पर जिन शासन के पूजनीय और पवित्र ग्रंथ ‘श्री कल्पसूत्र जी’ का भव्य वरघोड़ा अत्यंत हर्षोल्लास और भक्तिभाव के साथ निकाला गया।

शोभायात्रा में बड़ी संख्या में जैन समाज के श्रावक श्राविकाओं और बच्चे ने पारंपरिक वेशभूषा में पहुंचकर कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई।।
इसके पूर्व शुभ मुहूर्त में कल्पसूत्र ग्रंथ की विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर थाल में विराजीत किया गया। लाभार्थी परिवार पारसमल संदीप कुमार, जयेश कुमार मोदी परिवार के सदस्य थाल को सिर पर उठाकर चंवर ढुलाते हुए चल रहे थे।धार्मिक उल्लास, बैंड-बाजे और ढोल-नगाड़ों की थाप पर ‘त्रिशला नंदन वीर की, जय बोलो महावीर की’ और ‘गुरुदेव की आज्ञा से कल्पसूत्र जी पधारे’ जैसे जयकारे लगा रहे थे।

रास्ते में जगह जगह श्राविकाओं ने गहुंली बनाकर कल्पसूत्र जी की आरती उतारकर अक्षत से स्वागत किया।यह वरघोड़ा शहर के प्रमुख मार्गों से होता हुआ छोटा जैन मंदिर स्थित उपाश्रय पहुंचा वहां से लाभार्थी मोदी परिवार के निवास स्थान पर धर्मसभा में परिवर्तित हो गया।तत्पश्चात परिवार ने की वधामना कर कल्पसूत्र भक्ति का आयोजन किया गया।

पूज्य साध्वी भगवंतों की निश्रा में अब कल्पसूत्र ग्रंथ का वाचन शुरू होगा, जिसमें भगवान महावीर स्वामी के जन्म कल्याणक और उनके जीवन चरित्र का विस्तार से वर्णन किया जाएगा







