पहले सराफा व्यापारी और अब प्रॉपर्टी ब्रोकर द्वारा सल्फास खाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर लिए जाने से व्यापारिक जगत में सन्नाटा पसरा,,,,कहीं यह बाजारू मंदी का रिएक्शन तो नहीं?

रतलाम जिले के सैलाना पुलिस थाना क्षेत्र में बीते 25 दिनों में रतलाम के दो प्रतिष्ठित व्यापारियों द्वारा अलग अलग स्थानों पर जहरीला पदार्थ सेवन कर आत्महत्या किए जाने से व्यापारिक जगत को झकझोर कर रख दिया।
विलंब से मिली खबर के अनुसार रतलाम के नागरवास निवासी प्रॉपर्टी ब्रोकर मनोज गादिया ने शनिवार शाम सैलाना के बायपास मार्ग स्थित हरियाली ढाबे पर बैठकर सल्फास घोलकर पी लिया। घटना के पूर्व गादीया ने अपने घर पर कॉल करके जहर पीने की बात बताई और कहा कि मैैं सैलाना के ढाबे पर हूं। परिजनों ने तत्काल सैलाना थाने को सूचना दी तो पुलिस ने उन्हें ढूंढ निकाला।

पुलिस पहुंची तब तक ढाबे वालों की सूचना पर डायल-112 वहां पहुंच चुकी थी। तब गादीया को तत्काल सैलाना सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए, जहां से मेडिकल कॉलेज में भेजा। रविवार सुबह 5 बजे इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया।
पुलिस के अनुसार प्रॉपर्टी व्यवसायी 50 वर्षीय मनोज पिता समीरमल गादिया निवासी रतलाम नागरवास शनिवार देर रात को रतलाम-बांसवाड़ा मार्ग के सैलाना बायपास स्थित हरियाली ढाबे पर पहुंचे और पानी की एक बोतल खरीदी और सल्फास का पाउडर घोलकर पी गए। इसके पहले उन्होंने खुद ही कॉल कर घरवालों को जहर खाने और सैलाना के ढाबे पर होने की बात बताई। इससे परिवार हड़कंप मच गया

घबराए परिजनो ने तत्काल सैलाना थाना पुलिस को बताया तब आरक्षक तूफान भूरिया ने टीम के साथ सैलाना के आसपास ढाबों पर तलाशी शुरू की आखिर रात करीब 11 बजे मनोज हरियाली ढाबे पर मिले लेकिन पुलिस के पहुंचने तक वह सल्फास घोलकर पी चुका था और ढाबे पर डायल-112 खड़ी। इसी गाड़ी से उन्हें अस्पताल ले गए। मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।

सैलाना थाना पुलिस ने मर्ग दर्ज कर मामला जांच में लिया है।
जानकारी के अनुसार मनोज गादीया के
एक बेटा प्रहर्ष और एक बेटी के अलावा
एक छोटी बहन है। उनके पास से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। परिजनों का कहना है कि हमें बिल्कुल भी पता नहीं है कि उन्होंने ऐसा कदम क्यों उठाया?

हम आपको बता दें कि विगत 11 अगस्त की रात में रतलाम के चांदनी चौक स्थित महावीर ज्वैलर्स के संचालक 46 वर्षीय रवि मोठिया ने शहर से 12 किमी दूर शीतल तीर्थ के समीप प्रेम वाटिका होटल के कमरे में सल्फास के पाउच घोलकर सेवन कर मौत को गले लगा लिया था।
इस तरह मात्र 25 दिन में दूसरे व्यापारी द्वारा आत्महत्या करने की बात को बाजार की मंदी से जोड़कर देखा जा रहा है।

बहरहाल पुलिस एक बार फिर दिल को झकझोर देने वाले इस आत्महत्या के प्रकरण पर तहकीकात में उलझी नजर आ रही है







