सैलाना में पहली बार निकली भव्य तिरंगा-मशाल यात्रा, भारत माता के जयघोष से गूंजा नगरचरखा चलाने से नहीं मिली आजादी, असंख्य बलिदानों से मिली स्वतंत्रता

सैलाना। स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर अखंड भारत संकल्प समिति, सैलाना के तत्वावधान में नगर में पहली बार भव्य तिरंगा एवं मशाल यात्रा का आयोजन किया गया। शुक्रवार शाम कसेरा धर्मशाला से यात्रा का शुभारंभ हुआ। हाथों में तिरंगा और जलती मशालें थामे बड़ी संख्या में युवा एवं नागरिक नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए रात करीब 9 बजे घंटाघर चौराहा पहुंचे।

जहां यात्रा का समापन राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत कार्यक्रम के साथ हुआ।
यात्रा में युवाओं की बड़ी और अनुशासित सहभागिता देखने को मिली। युवा संकल्पबद्ध तरीके से हाथों में तिरंगा और मशाल लेकर आगे बढ़ते रहे। यात्रा के दौरान भारत माता के जयघोष और राष्ट्रभक्ति के नारों से नगर का वातावरण गूंजता रहा। मशालों की रोशनी और तिरंगों की कतार ने यात्रा को आकर्षक और भव्य स्वरूप दिया। यात्रा में आगे भारत माता की तस्वीर भी शामिल रही, जिसके साथ युवाओं ने श्रद्धा और उत्साह के साथ सहभागिता की।

चरखा चलाने से नहीं मिली आजादी, असंख्य बलिदानों से मिली स्वतंत्रता
घंटाघर चौराहे पर आयोजित समापन कार्यक्रम में चरण सिंह चौधरी, विभाग शारीरिक प्रमुख ने ओजस्वी उद्बोधन दिया। उन्होंने कहा कि देश की स्वतंत्रता के पीछे असंख्य स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और क्रांतिकारियों का संघर्ष, त्याग और बलिदान रहा है। हजारों-लाखों लोगों ने देश की आजादी के लिए अपने प्राणों की आहुति दी, तब जाकर भारत स्वतंत्र हुआ। इसलिए आजादी के महत्व को समझना और स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान को याद रखना प्रत्येक नागरिक का दायित्व है।
उन्होंने युवाओं से सवाल करते हुए कहा कि आज लोग यह सोचते हैं कि भगत सिंह और चंद्रशेखर आजाद जैसे क्रांतिकारी आज क्यों पैदा नहीं होते। उन्होंने कहा कि मां वही है, पिता वही हैं, फिर कमी कहां है? युवाओं का आह्वान करते हुए उन्होंने कहा कि “तुम ही चंद्रशेखर आजाद हो, तुम ही भगत सिंह हो।” देश की सेवा और रक्षा के लिए युवाओं को स्वयं आगे आना होगा।
चरण सिंह चौधरी ने युवाओं से अपने घरों में भारत माता अथवा अखंड भारत की तस्वीर लगाने का भी आह्वान किया। उन्होंने कहा कि घर में लगी ऐसी तस्वीर युवाओं को देश की सेवा, सुरक्षा और राष्ट्रहित के लिए सदैव प्रेरित करती रहेगी।
उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता केवल उत्सव मनाने का अवसर नहीं, बल्कि उन वीरों के त्याग और बलिदान को स्मरण करने का अवसर है, जिन्होंने देश के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। उन्होंने युवाओं से राष्ट्र के प्रति समर्पण की भावना को जीवन में बनाए रखने की अपील की।
भारत माता की आरती और वंदे मातरम् के साथ हुआ समापन
कार्यक्रम के समापन अवसर पर भारत माता की तस्वीर के समक्ष आरती की गई। इसके बाद उपस्थित लोगों ने सामूहिक रूप से वंदे मातरम् का गायन किया। भारत माता के जयघोष से घंटाघर चौराहा गूंज उठा। युवाओं और नागरिकों ने राष्ट्र की एकता, अखंडता और देशसेवा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।
फोटो में भी यात्रा के दौरान युवाओं की बड़ी संख्या और उत्साह साफ दिखाई दिया। हाथों में जलती मशालें, लहराते तिरंगे और भारत माता की तस्वीर के साथ निकला युवाओं का कारवां पूरे आयोजन का प्रमुख आकर्षण रहा। कई स्थानों पर नागरिकों ने यात्रा को उत्साह के साथ देखा।
इनकी रही प्रमुख सहभागिता
आयोजन में चरण सिंह चौधरी, इंद्रेश चंडालिया (व्यापारी एसोसिएशन अध्यक्ष), मंडल अध्यक्ष पंकज राठौड़, जिला युवा मोर्चा अध्यक्ष अनुकूल सोनी, भंवर सिलावट, विलिन कसेरा एवं महाविद्यालय प्रमुख दिव्यांश उपाध्याय सहित समिति के पदाधिकारी, युवा और नगरवासी प्रमुख रूप से शामिल रहे।
कार्यक्रम का संचालन प्रशांत दवे ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन इंद्रेश चंडालिया ने किया।
अखंड भारत संकल्प समिति की ओर से नागरिकों से राष्ट्रहित, देश की एकता और अखंडता के प्रति सदैव जागरूक एवं समर्पित रहने का आह्वान किया गया। नगर में पहली बार आयोजित तिरंगा-मशाल यात्रा में युवाओं की अनुशासित, संकल्पबद्ध और उत्साहपूर्ण सहभागिता ने आयोजन को विशेष बना दिया।













