
रामद्वारा की संपत्ति विक्रय करने महंत की समाधि में तोड़फोड़ का जबरदस्त विरोध के बाद अंतरराष्ट्रीय रामस्नेही संप्रदाय की मुख्य पीठ शाहपुरा ने रामद्वारा के साधु रामविलास शास्त्री को व्यवस्थापक पद से निष्कासित किए जाने के बाद श्रद्धालु शाहपुरा पीठ पहुंचे

रतलाम जिले के सैलाना में घंटाघर के समीप अंतर्राष्ट्रीय राम स्नेही संप्रदाय शाहपुरा भीलवाड़ा, राजस्थान के अधीन रामद्वारा की संपत्ति विक्रय करने,परिसर में स्थापित गुरु पादुका समाधि स्थल की तोड़फोड़ सहित धार्मिक स्थल का अस्तित्व समाप्त करने के प्रयास का नगर की जनता और इस आस्था से जुड़े भक्तों द्वारा गत दिनों जबरदस्त विरोध करते हुए नगर बंद रखा था।घटना के बाद सैलाना पुलिस थाना में समाधि स्थल पर तोड़फोड़ को लेकर व्यवस्थापक सहित अन्य लोगों पर एफआईआर भी दर्ज की गई थी।
इधर नगर परिषद ने भी रामद्वारा से लगी निर्मित दुकानों के निर्माण संबंधी दस्तावेज प्रस्तुत करने के नोटिस जारी किए थे।
सम्पूर्ण घटनाक्रम की खबर मिलते ही अंतरराष्ट्रीय रामस्नेही संप्रदाय शाहपुरा राजस्थान की मुख्य पीठ के कार्यवाहक भंडारी संत
नवनीधराम राम स्नेही ने
मुख्य पीठ के आदेश की अवहेलना तथा जन मानस की आस्था को चोट पहुंचाने के कारण साधु राम विलास शास्त्री को व्यवस्थापक पद से निष्कासित किए जाने का बड़ा निर्णय लिया गया।
रामस्नेही संप्रदाय पीठ के कार्यवाहक भंडारी संत नवनीधराम राम स्नेही ने जिला कलेक्टर को भेजे पत्र में बताया कि पीठ शीघ्र ही संपादित विक्रय पत्र शून्य करने के लिए न्यायालय में वाद दाखिल करेगा।

इधर
अन्तर्राष्ट्रीय रामस्नेही सम्प्रदाय मुख्य पीठाधीश्वर अनन्त श्री 1008 श्री रामदयाल जी महाराज से सैलाना रामद्वारा बचाओ समिति के सदस्यों ने शाहपुरा (भीलवाड़ा) पहुंचे और सम्पूर्ण घटनाक्रम की जानकारी देते हुए इस धार्मिक संपदा को बचाने के लिए अनुरोध किया गया।







