मानसिक बीमारी के लक्षण शारीरिक नहीं होते इसलिए आसानी से पहचान नहीं पाते

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मानसिक स्वास्थ्य और आत्महत्या रोकथाम पर विशेषज्ञ व्याख्यान का आयोजन


सैलाना। शासकीय महाविद्यालय सैलाना में विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य एवं आत्महत्या रोकथाम पर विशेषज्ञ व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्राचार्य डॉ. आर.पी पाटीदार ने कहा कि अगर हमें कोई शारीरिक बीमारी जैसे बुखार, सर्दी-खांसी, पेट दर्द आदि होती है तो हमें तुरंत अहसास होता है और हम डॉक्टर के पास चले जाते हैं लेकिन मानसिक बीमारी के लक्षण शारीरिक नहीं होने से हम इसे आसानी से नहीं पहचान पाते हैं। ऐसी स्थिति में यह समस्या गंभीर रूप ले लेती है । अतः हमें हमारे मानसिक स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखना चाहिए।


मुख्य वक्ता के रूप में डॉ. आंचल दीक्षित ( क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट जिला चिकित्सालय , रतलाम) ने विद्यार्थियों को मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक किया तथा आत्महत्या रोकथाम पर जानकारी प्रदान की। उन्होंने आत्महत्या की ओर ले जाने वाले विभिन्न कारणों जैसे ओवरथिंकिंग की समस्या को दूर करने हेतु बताया कि अपने विचारों को कागज पर लिखे तथा उन्हें अपने तरीके अनुसार नष्ट करें। इस प्रकार लगातार करने से अवसाद से बचा जा सकता है। डॉ दीक्षित ने कहा कि अचीवमेंट बॉक्स बनाकर विद्यार्थी उसमें अपने अचीवमेंट की पर्चियां डालें, साथ ही एक विश बॉक्स बनाकर जो भी आपकी इच्छा है उसे विश बॉक्स में डालें तथा माह में एक बार इन बक्सों को उलटकर अवश्य पड़े। इससे किसी के भी मन में आत्महत्या के विचार आने पर रोक लगेगी। कार्यक्रम में महाविद्यालय के वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ. सौरभ ई लाल, डॉ. हरिओम अग्रवाल, डॉ. बालकृष्ण चौहान, प्रो. आशा राजपुरोहित , श्रीमती रक्षा यादव, डॉ. हेमलता बामनिया, डॉ मंजुला मंडलोई , डॉ. कल्पना जयपाल सहित स्टाफ उपस्थित था। कार्यक्रम का संचालन महाविद्यालय की युवा रेडक्रास इकाई के प्रभारी प्रो. भूपेंद्र मंडलोई ने किया तथा आभार प्रो. भरत नागर ने माना।

News Mp 24
Author: News Mp 24

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