एमपी की सबसे बड़ी साइबर ठगी के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। ग्वालियर के चार्टर्ड अकाउंटेंट से क्रिप्टो निवेश के नाम पर 21 करोड़ रुपये की ठगी के आरोप में शाजापुर में भाजपा नेता व जिला पंचायत सदस्य जगदीश मालवीय को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी के खाते में ठगी की रकम में से 50 लाख रुपये ट्रांसफर हुए थे।

अपनी गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में
भाजपा नेता जगदीश मालवीय ने रतलाम के इंदिरा नगर निवासी मेकेनिकल इंजीनियर अंकित वर्मा का नाम लेते हुए बताया था कि अंकित ने ही अकाउंट किराए पर लिया था। शुक्रवार की रात पुलिस ने अंकित को सागर से गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए आरोपियों में अकाउंट होल्ट और एपीके फाइल के जरिए ओटीपी फॉरवर्ड करने वाला गिरोह का मुख्य हैंडलर है।
फरियादी ग्वालियर के सीनियर सीए अशोक विजयवर्गीय ने साइबर पुलिस में शिकायत कराई थी कि उससे ट्रेडिंग में
दिसंबर 2025 से जुलाई 2026 के बीच उन्हें क्रिप्टोकरेंसी में निवेश पर भारी मुनाफे का लालच दिया गया। एक महिला ने उनसे संपर्क कर दोस्ती की और निवेश के नाम पर अलग-अलग बैंक खातों में रकम जमा कराई।

करीब 218 दिनों के दौरान उन्होंने 106 ट्रांजेक्शन के जरिए 21 करोड़ 5 लाख 92 हजार रुपए विभिन्न खातों में भेज दिए। जब उन्होंने निवेश की राशि वापस निकालने का प्रयास किया तो उनसे और पैसा जमा कराने की मांग की गई। इसके बाद उन्हें ठगी का अहसास हुआ और उन्होंने राज्य साइबर पुलिस के ग्वालियर स्थित नोडल थाने में शिकायत दर्ज कराई।
गिरफ्तारी के बाद
पूछताछ में भाजपा नेता मालवीय ने स्वीकार किया कि उसने “सर्व कल्याण अनुसूचित जाति एवं जनजाति” नामक संस्था का बैंक खाता उपलब्ध कराया था। इसके बदले उसे घर बैठे लगभग दो प्रतिशत कमीशन मिलता था। जांच में यह भी सामने आया कि उसका यही बैंक खाता देश के छह राज्यों में हुई साइबर ठगी की वारदातों में इस्तेमाल किया गया। उसने पुलिस को यह भी बताया कि अलग-अलग राज्यों में हुई 11 साइबर ठगी की घटनाओं की रकम भी उसके खाते में आ चुकी है।ग्वालियर पुलिस,सायबर ,क्राइम ब्रांच सहित वरिष्ठ अधिकारी गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ, और कॉल रिकार्ड आदि खंगाल रही है संभावना जताई जा रही है कि इस हाई प्रोफाइल ठगी को लेकर ओर भी राज सामने आ सकते हैं।







