दतिया उपचुनाव में एक भाजपा समर्थक कार्यकर्ता ने अपने एक साथी को सामने रखकर सार्वजनिक रूप से भाजपा प्रत्याशी की प्रचंड जीत का दावा करते हुए कहा था कि अगर भाजपा हार गई तो में अपना सिर और मूंछ मुंडवा दूंगा

दतिया विधानसभा उपचुनाव के नतीजों को लेकर राजनीति में ही नहीं, बल्कि आम लोगों के बीच भी जबरदस्त चर्चा का विषय रहा।
चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद निवाड़ी जिले की ओरछा तहसील से यह अनूठा मामला सामने आया जिसने हर किसी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया।
ओरछा निवासी भाजपा समर्थित राजू जोशी और कांग्रेस समर्थित सुनील सेन के बीच चुनावी माहौल के दौरान एक दिलचस्प शर्त लगी थी। दोनों युवक अपने अपने दल की जीत को लेकर पूरी तरह आश्वस्त थे।
सुनील सेन का दावा था कि इस उपचुनाव में कांग्रेस जीत हासिल करेगी, जबकि राजू जोशी पूरे विश्वास के साथ भारतीय जनता पार्टी की जीत का दावा कर रहे थे।
चुनाव प्रचार के दौरान दोनों ने करीब पांच लोगों की मौजूदगी में एक वीडियो भी रिकॉर्ड कराया था, ताकि शर्त सार्वजनिक रहे। इसी वीडियो में राजू जोशी ने ऐलान किया था कि यदि भाजपा चुनाव नहीं जीत पाती, तो वह सार्वजनिक रूप से अपना सिर मुंडवाएंगे और दाढ़ी भी साफ करवाएंगे।
जब चुनाव के नतीजे आए और राजू जोशी ने बिना किसी बहाने के अपनी शर्त पूरी करते हुए लोगों के सामने सिर मुंडवाकर और दाढ़ी बनवाकर अपना वादा निभाया। लोग इसे चुनावी जुनून, राजनीतिक प्रतिबद्धता और अपनी बात पर कायम रहने की मिसाल के तौर पर देख रहे हैं।
इस घटना ने एक बार फिर यह दिखा दिया कि चुनावी माहौल में समर्थकों का उत्साह किस हद तक पहुंच जाता है। हालांकि लोकतंत्र में हार और जीत दोनों ही राजनीतिक प्रक्रिया का हिस्सा हैं, लेकिन इस तरह अपनी जुबान निभाने वाले समर्थक अब चर्चा का विषय बन गए हैं।
अब सवाल यह उठता है कि जिस तरह कार्यकर्ता अपनी निष्ठा और अंधभक्ति के चलते सम्मान तक दाव पर लगा देते हैं क्या इतना सम्मान वह नेता अपने समर्थकों को समय पर दे पाते हैं या नहीं







