भगवान के सामने हाथ मत फैलाइए, भाव पूर्वक की गई क्रिया फल जरूर। प्रदान करती है=उपाध्याय मुनि श्री विभंजन सागर जी

SHARE:

उपाध्याय मुनिश्री विभंजन सागरजी

बड़वानी। (मनीष जैन )  परम पूज्य उत्कृष्ट समाधि धारक राष्ट्र संत गणाचार्य विराग सागरजी महा मुनिराज के शिष्य उपाध्याय श्री विभंजन सागर जी मुनिराज ने दिगंबर जैन मंदिर बड़वानी में धर्म सभा को संबोधित करते हुए अपनी ओजस्वी वाणी ने कहा कि आप भगवान के सामने कभी भी हाथ मत फैलाइए क्योंकि भगवान से कुछ मांगने की आवश्यकता नहीं है  भगवान हमे कुछ देते नहीं है,एक बात जरूर है हमारे आगम में बताया गया है कि निमित्त कुछ करता नहीं है और निमित्त के बिना कुछ होता नहीं है और इसी बात को हम भगवान पर घटित करते है भगवान कुछ करते नहीं है पर भगवान के बगैर कुछ होता नहीं है ,हम भगवान की भक्ति करते है,पूजा करते है,अर्चना करते है,आराधना करते है,स्वाध्याय करते है,मुनि आदि को आहार, बिहार,निहार कराते है,दान करते है,तीर्थ वंदना करते है आदि आदि धार्मिक अनुष्ठान करते है पुण्य कार्य करते है उससे पुण्य अर्जन होता है वह पुण्य हमारा काम करवाने वाला होता है उसी पुण्य की वृद्धि के लिए पुरुषार्थ करे ,हाथ फैलाने की आवश्यकता नहीं है ,साथ ही हम रूढ़िवादिता में ना फंसे जैन आगम रूढ़ि वादिता की बात नहीं करता , जैन आगम हर बात का प्रमाण और कारण बताता है ,यदि आपके पास कारण है तो हम करने को तैयार है इस बात का विशेष रूप से ध्यान रखना चाहिए और हम कोई क्रिया करते है उसे क्रिया समझ कर ही करे उसे अपनी आदत ना बनाए जब वह क्रिया आदत बन जाती है तो हमारे भाव समाप्त हो जाते है ,अतः क्रिया के साथ भाव का होना आवश्यक है और तभी वो क्रिया सार्थक होती है ।हम पूजा,पाठ,स्वाध्याय, जप, तप कुछ भी क्रिया करते है उसमें भाव होना आवश्यक है अन्यथा वो क्रिया व्यर्थ हो जाएगी और क्रिया ,क्रिया कांड हो जाती है अतः हम जो भी धार्मिक क्रिया,अनुष्ठान करे भाव पूर्वक करे समय का सदुपयोग करे समय को व्यर्थ ना गंवाए भाव पूर्वक की गई क्रिया हमे फल प्रदान करती है।


सभा के पूर्व उपाध्याय श्री ने मंदिर में विराजित वेदियों पर भगवान के दर्शन किए साथ ही सभा के पूर्व आचार्य श्री विराग सागर जी महा मुनिराज के चित्र पर दीप प्रज्वलन कर चित्र अनावरण किया गया।

उक्त जानकारी समाज के मनीष जैन ने देते हुए बताया कि
इस अवसर पर समाज के युवा,बच्चे,महिला,पुरुष वर्ग उपस्थित रहा सभा के पश्चात मुनि श्री की आहार चर्या संपन्न हुई दोपहर को सामयिक,धर्म संबंधित क्लास हुई शाम को आनंद यात्रा हुई ।

News Mp 24
Author: News Mp 24