श्रमणि रत्ना महासती भंवर कुंवर जी का देवलोक गमन से जैन समाज में अपूरणीय क्षति

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सैलाना।ज्ञानगच्छाधिपति श्रुतधर पंडित रत्न 1008 श्री प्रकाश चंद्रजी महाराज साहब की आज्ञानुवर्ती पूज्या गुरुणीजी,  साध्वी प्रमुखा वयोवृद्धा धीर वीर गंभीर महासतीजी श्री 1005 पूज्य भंवरकुंवरजी का संथारा सहित पंडित मरण देवलोक गमन से सम्पूर्ण जैन समाज में शोक की लहर फैल गई।
आपकी अंतिम महाप्रयाण यात्रा शाहजी का चौक जैन स्थानक पाली से निकली जिसमे राजस्थान,महाराष्ट्र,गुजरात,मप्र से बड़ी संख्या में गुरु भक्त शामिल हुए और आदरांजलि दी। रतलाम जिले के सैलाना स्थित अणु आराधना भवन में  श्री सुधर्म श्रावक संघ,श्री वर्धमान स्थानक वासी श्रावक संघ की संयुक्त गुणानुवाद सभा का आयोजन  किया गया।इस गुणानुवाद सभा में वक्ताओं ने कहा कि पूज्य महासती भंवर कुंवर जी का महा प्रयाण ज्ञानगच्छ ही नही वरन सम्पूर्ण जैन समाज की उत्कृष्ट संयम साधिका ,जिनका मुखमंडल संयम की साधना से प्रज्वलित ओर देदीप्यमान रहता था एसी धीर वीर गम्भीर श्रमणी  रत्ना के देवलोक का समाचार सुनते ही  सम्पूर्ण जैन समाज मे शोक की लहर छा गई ।

सभा मे उपस्थित वक्ताओं ने आपकी वाणी की ओजस्विता ,सरलता,सादगी,के साथ आगम के प्रकांड विद्वान होते हुवे भी अपना कार्य स्वयं करने की जो प्रेरणा  ,विनयशीलता,शब्दों में मधुरता,के साथ समाधान की आपकी शैली की अनुमोदना की,गुणानुवाद सभा को वरिष्ठ श्रावक बसन्तिलाल संघवी ,महेंद्र डोशी,विमल माण्डोत ,पीयूष ओरा ,आशीष लोढ़ा ने संबोधित किया गुणानुवाद सभा मे वर्धमान स्थानकवासी जैन संघ अध्यक्ष राजेश सियार ,मदनलाल माण्डोत,रखब चंद माण्डोत, विजय माण्डोत,धर्मेन्द्र संघवी,प्रवीण माण्डोत,सहित बड़ी संख्या में श्रावक, श्राविकाएं उपस्थित थे।सभा समय में उपस्थितजनों ने सामायिक का लाभ लिया।

अंत मे दिवंगत आत्मा शास्वत सुखों को प्राप्त करे ऐसी भावना के साथ चार चार लोगस्स का ध्यान किया गया

सभा का संचालन श्री सुधर्म जैन श्रावक संघ सैलाना कार्यकारी अध्यक्ष संजय माण्डोत ने किया

News Mp 24
Author: News Mp 24